भारत में आने वाले जेसीबी के नए मॉडल: हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक और अन्य

06 Aug 2025

भारत में आने वाले जेसीबी के नए मॉडल: हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक और अन्य

भारत में जेसीबी के 2025 के नए मॉडल — हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और स्टेज-वी डीज़ल मशीनें, उन्नत तकनीक और कम प्रदूषण के साथ।

समीक्षा

लेखक

BS

By Bharat

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जेसीबी भारत में निर्माण उपकरण उद्योग को एक स्वच्छ और स्मार्ट भविष्य की ओर ले जाने के लिए तैयार है। कंपनी 2025 में कई नए मशीनों को पेश करेगी, जिनमें हाइड्रोजन से चलने वाले प्रोटोटाइप, पूरी तरह इलेक्ट्रिक मॉडल, हाइब्रिड मशीनें और उन्नत डीज़ल मशीनें शामिल होंगी, जो भारत सरकार द्वारा निर्धारित सीईवी स्टेज-V मानकों का पालन करती हैं। हर मॉडल में उन्नत तकनीकी, बेहतर ईंधन बचत और डिजिटल नियंत्रण प्रणाली दी गई है, जिससे ये मशीनें टिकाऊ और कुशल बनती हैं।

हाइड्रोजन उपकरण: बिना प्रदूषण के कार्य के लिए तैयार

जेसीबी ने 3DX हाइड्रोजन बैकहो लोडर तैयार किया है, जो हाइड्रोजन दहन इंजन पर चलता है। यह प्रोटोटाइप सबसे पहले एक्सकॉन 2023 में और फिर भारत निर्माण उपकरण एक्सपो 2025 में प्रदर्शित किया गया।

इंजीनियरों ने इस मशीन को इस तरह से डिज़ाइन किया है कि यह डीज़ल इंजन की तरह ही कार्य करे, लेकिन टेलपाइप से कोई भी प्रदूषक गैसें न निकले। अब तक जेसीबी के यूके प्लांट में 75 से अधिक प्रोटोटाइप तैयार हो चुके हैं। यूरोप में प्रमाणन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीद है कि 2025 तक भारत में भी यह स्वीकृति मिल जाएगी।

जेसीबी लोडऑल टेलीहैंडलर भी हाइड्रोजन से बना रहा है, जिसे मोबाइल रीफ्यूलिंग से भरा जा सकेगा। इससे कार्यस्थल पर हाइड्रोजन का सुरक्षित और कुशल उपयोग संभव होगा।

इलेक्ट्रिक मशीनें: स्वच्छ, शांत और सक्षम

जेसीबी की इलेक्ट्रिक मशीनें शहरी क्षेत्रों और बंद वातावरण में निर्माण कार्य के लिए एकदम उपयुक्त हैं। यह न शोर करती हैं, न धुआं छोड़ती हैं और संचालन लागत को भी कम करती हैं।

19C-1E मिनी खुदाई मशीन में लिथियम आयन बैटरी लगी होती है, जो एक बार चार्ज करने पर पूरा दिन चलती है। इसमें ऑटो आइडल, लोड सेंसिंग हाइड्रोलिक और अंतर्निहित सुरक्षा नियंत्रण दिए गए हैं, जिससे यह तंग जगहों में बेहतरीन काम करती है।

525-60E इलेक्ट्रिक टेलीहैंडलर बिना किसी प्रदूषण के सामान को इधर-उधर ले जा सकती है। इसका आकार छोटा है लेकिन उठाने की क्षमता बहुत मजबूत है।

यह दोनों मॉडल उन स्थानों के लिए आदर्श हैं जहाँ शोर, हवा की गुणवत्ता और ऊर्जा खपत सबसे महत्वपूर्ण है।

हाइब्रिड मशीनें: जहाँ ज़रूरत वहाँ समाधान

हर स्थान पर पूरी तरह इलेक्ट्रिक समाधान संभव नहीं होता, इसलिए जेसीबी ने ऐसी हाइब्रिड मशीनें तैयार की हैं जो डीज़ल के बिना पूरी तरह छोड़े बिना भी ईंधन की खपत को कम कर देती हैं।

116D हाइब्रिड मिट्टी संपीड़क में पुनर्जनन ब्रेकिंग और अतिरिक्त हाइब्रिड प्रणाली दी गई है, जिससे लगभग 15% तक ईंधन की बचत होती है। यह मशीन डीज़ल मशीनों जितनी ताकतवर है, लेकिन संचालन लागत काफी कम है।

सीईवी स्टेज-V डीज़ल: स्मार्ट और नियमानुकूल

जेसीबी ने अपनी डीज़ल मशीनों को इस तरह अपग्रेड किया है कि वे भारत के स्टेज-V उत्सर्जन मानकों पर खरी उतरें। इनमें डीओसी (डीज़ल ऑक्सीकरण उत्प्रेरक) और डीपीएफ (डीज़ल पार्टिकुलेट फिल्टर) जैसे उपकरण लगे होते हैं, जो प्रदूषक तत्वों और कणों को कम करते हैं।

भारत निर्माण उपकरण एक्सपो 2025 में जेसीबी ने निम्न मॉडल प्रस्तुत किए:

  • 3DX एक्स्ट्रा ईको+
  • 3DX सुपर
  • 3DX प्लस (4-पहिया ड्राइव के साथ)

साथ ही नए टेलीहैंडलर, स्किड स्टीयर, संपीड़क और व्हील लोडर भी शामिल हैं।

इन सभी मशीनों की विशेषताएं:

  • 10–20% तक ईंधन की बचत
  • आरओपीएस और एफओपीएस कैबिन जैसी चालक सुरक्षा सुविधाएँ
  • सटीक संचालन के लिए डिजिटल नियंत्रण प्रणाली

इन मशीनों को लद्दाख और लेह जैसे कठिन वातावरण में 200000 घंटे से अधिक रियल-लाइफ परीक्षणों में सफल पाया गया है।

स्मार्ट सिस्टम: सोचने वाली मशीनें

जेसीबी ने अपनी मशीनों में कई स्मार्ट तकनीकें जोड़ी हैं जो कार्य को अधिक प्रभावी बनाती हैं, त्रुटियों को घटाती हैं और संचालन को तेज करती हैं।

लाइवलिंक 3.0 नामक टेलीमैटिक्स प्रणाली से आप मशीन की स्थिति, ईंधन स्तर और रखरखाव कार्यक्रम को दूर से मॉनिटर कर सकते हैं।

इंटेली-कंट्रोल तकनीक इंजन की ताकत को कार्य के अनुसार समायोजित करती है। इससे गैरज़रूरी ईंधन की खपत और पुर्जों का घिसाव कम होता है।

जेसीबी ने वीआर आधारित सिम्युलेटर भी तैयार किए हैं ताकि ऑपरेटर बिना जोखिम के प्रशिक्षण ले सकें। दक्ष नामक एक उपकरण लगभग ₹500000 में आता है और पूरे भारत में उपयोग में है।

जेसीबी ने नेट-ज़ीरो लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। 80% से अधिक पुर्जे भारत में बनाए जाते हैं और उनके संयंत्र अब सौर ऊर्जा पर चल रहे हैं। यह मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देता है।

प्रमुख मॉडल जानकारी:

ऊर्जा प्रकारमॉडल नामप्रमुख विशेषताएँ
हाइड्रोजन इंजन3DX हाइड्रोजन बैकहोबिना प्रदूषण, डीज़ल जैसी शक्ति
हाइड्रोजन इंजनलोडऑल टेलीहैंडलरभारी उठाने की क्षमता, शून्य प्रदूषण
इलेक्ट्रिक19C-1E खुदाई मशीनकॉम्पैक्ट, शांत, छोटी जगह के लिए उपयुक्त
इलेक्ट्रिक525-60E इलेक्ट्रिक टेलीहैंडलरस्वच्छ, तेज़ और कम रखरखाव
हाइब्रिड116D हाइब्रिड संपीड़कईंधन बचाने वाले सिस्टम, पुनर्जनन ब्रेकिंग
डीज़ल CEV स्टेज-V3DX प्लस, सुपर, ईको+स्मार्ट नियंत्रण, ईंधन दक्षता, प्रदूषण नियंत्रण
डीज़ल CEV स्टेज-Vस्किड स्टीयर, लोडर आदिबेहतर केबिन, कम प्रदूषण, मजबूत परीक्षण

निष्कर्ष:

2025 में आने वाली जेसीबी की मशीनें दर्शाती हैं कि कंपनी भविष्य की ज़रूरतों को लेकर पूरी तरह तैयार है। हाइड्रोजन इंजन तकनीकी रूप से नई क्रांति है, जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना ताकत देती है। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मशीनें आधुनिक निर्माण स्थलों के लिए आदर्श हैं। वहीं नई डीज़ल मशीनें ताकत और नियमों का संतुलन दिखाती हैं।

जैसे-जैसे उद्योग सतत विकास की ओर बढ़ रहा है, जेसीबी ऐसी मशीनें बना रहा है जो स्मार्ट, मजबूत और हर चुनौती के लिए तैयार हैं। चाहे कार्य शहर में हो या ऊबड़-खाबड़ इलाकों में — जेसीबी के पास हर ज़रूरत के अनुसार व्यवसायिक समाधान मौजूद हैं।

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